वो शिकायतें जो हम सुनना नहीं चाहते हमें ‘ड्रामा’ लगती हैं, और शिकायत करने वाला ‘ड्रामा क्वीन’. बीबीसी पॉडकास्ट में बातें उन मुश्किलों की जो हमें किसी के साथ बांटने नहीं दी जातीं.
Latest episodes
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एपिसोड 5: ‘मुझे अपनी सभी गुलाबी चीज़ें फेंकनी पड़ेंगी’
गुलाबी और नीले रंग के चक्कर में फंस कर आप अपने बच्चे को कुछ ग़लत तो नहीं सिखा रहे?
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31 min ↗
एपिसोड 4: 'जीवन में कोई ख़ुशी नहीं है, आप बताइए क्या करें'
कहीं आपकी नाक बचाने के चक्कर में बेटियां ससुराल में अपनी ज़िंदगी दांव पर तो नहीं लगा रहीं?
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एपिसोड 3: 'डॉक्टर बहू चाहिए जो गोल रोटी बना लेती हो'
आख़िर यह कैसे तय होता है कि कौन सी लड़की शादी के लिए अच्छी साबित होगी?
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30 min ↗
एपिसोड 2: 'हम मर्द अपने राज़ और पछतावे तो किसी को बता ही नहीं पाते'
अजीब सी तन्हाई है जिसे मर्दानगी के नाम पर मर्दों के हिस्से में डाल दिया गया है
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एपिसोड 1: 'अपने बच्चों से प्यार है लेकिन मां होने से नफ़रत'
कभी सोचा है कि माएं छोटी-छोटी बातों पर रो क्यों पड़ती हैं?
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ओरिजनल म्यूज़िक (OST) : नज़रें मिला के देखें
हम ऐसी बातें कहने और सुनने जा रहे हैं जो अक्सर दिलों में ही दबी रह जाती हैं
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3 min ↗
‘कभी किसी को पता नहीं चलेगा कि मैं ख़ुश नहीं हूं’
वो शिकायतें जो हम सुनना नहीं चाहते हमें ‘ड्रामा’ लगती हैं, और शिकायत करने वाला ‘ड्रामा क्वीन’. बीबीसी पॉडकास्ट में बातें उन मुश्किलों की जो हमें किसी के साथ बांटने नहीं दी जातीं.