तुझे सुनना मेरी इबादत, तेरी याद बंदगी है; तुझे कैसे भूल जाऊं, तूं तो मेरी ज़िंदगी है!
Latest episodes
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10 min
Guru rehmat
गुरू रहमत से रब पाएगा,गुरू बिन न नज़र आएगा . . .
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35 min
Satguru ki sohbat
लाख पढ़ लो किताबें नहीं कुछ असर,जब तक न हो गुरु की करुणा नज़र; पास बैठो तो आती है याद ए खुदा, ऐसे सतगुरु की सोहबत बड़ी चीज़ है अपने मुर्शिद की उल्फत बड़ी चीज़ है . . .
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10 min
Waheguru Waheguru
जो बात दवा से हो न सके वो बात दुआ से होती है, जब काबिल मुर्शीद मिलता है तो बात खुदा से होती है। _ Explore more at https://soundcloud.com/braj-rasik-vinod-agarwal
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9 min
Aanand hi aanand baras raha
हरि-नाम रूपी जल वर्षा कर, हरि-प्रेम बगीचा लगा दिया . . ."सतगुरु के हों सब बलि जाइया, प्रगट मार्ग जिन कर दिखयाया। 'नानक' सोहे सिमरत वेद, पारब्रह्म गुरु नहीं 'भेद'।।"
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13 min
Pila de O saaki
"निगाह ए मस्त मिलाई तो मय पिला के उठे;जहां वो बैठ गए, मयकदा बना के उठे!” _"सर दीने जो बूंद मिले इक, तो भी जानूं सस्ती। पिला दे ओ साकी! हरि नाम की मस्ती।।"
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19 min
Aaj bhi aam hain unke jalwe
साधु! हरि गुरू अंतर नाही।मो मन एक रहाई।हरि ही गुरू, गुरू में हरि कहिएगुरू में हरि समाई।हरि गुरू में जो अंतर समझेते नर नरक गिराई।साधु! हरि गुरू अंतर नाही।हरि ही गुरू होए अवतरेहै जीव…
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27 min
Utra saagar mein jo
Guru is required at the stage when we seriously intend to enter into the waters of bliss. He only trains us to first swim and then dive deep inside. अगर है शौक़ मिलने का तो शरण ले…
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21 min
Mere Satguru teri naukri
You have granted me an inner joy which stays intact, no matter I get anything of the world or not. मेरी तनख्वाह भी कुछ कम नहीं . . .कुछ मिले न मिले गम नहीं...
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21 min
Tera ik chiraag
जितना भी कुछ सुकून सा था आता चला गया,उतना ही बेकरार बनाती चली गई;आई जो उनकी याद तो आती चली गई . . .
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10 min
Rab da dwaara
खुदा को रास्ता है मुरशिद और मुरशिद का रास्ता है इश्क . . . True love for one's Sadguru is the straight route to God.
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13 min
Guru meri pooja
Link to hear 'Hari ki baat' podcast- https://open.spotify.com/show/5XpizszundhT02Dr21LQUe _ Link to watch 'Hari ki baat' videos- https://www.youtube.com/playlist?list=PLHr66H3V6-gQ…
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3 min
Tere vich Rab disda
तेरा मुस्कुराना, इशारों से बुलाना,सीने से लगाना और फिर...अचानक यूं चले जाना;यही है शायद मोहब्बत का अफसाना,अपना बनाए रखने का अनोखा बहाना।